बाज़ार

आर्थिक कैलेंडर

आने वाले आर्थिक आँकड़ों, केंद्रीय बैंकों के फ़ैसलों और बाज़ारों में हलचल लाने वाली अन्य घटनाओं पर नज़र रखें, साथ ही हर घटना का अपेक्षित प्रभाव भी देखें।

कैलेंडर डेटा TradingView द्वारा उपलब्ध कराया गया है।

कैलेंडर कैसे पढ़ें

  • प्रभाव

    हर घटना की रेटिंग इस आधार पर तय होती है कि वह आम तौर पर कीमतों में कितनी हलचल लाती है। ब्याज दर के फ़ैसले और रोज़गार रिपोर्ट जैसी उच्च प्रभाव वाली घोषणाएँ कुछ ही सेकंड में बाज़ारों को हिला सकती हैं।

  • वास्तविक, अनुमान, पिछला

    जब कोई आँकड़ा जारी होता है, तो वास्तविक संख्या की तुलना अनुमान और पिछले आँकड़े से करें। आम तौर पर बाज़ार की चाल ख़ुद आँकड़े से नहीं, बल्कि सरप्राइज़ से तय होती है।

  • देश और मुद्रा

    हर घटना किसी देश और उसकी मुद्रा से जुड़ी होती है, ताकि आप देख सकें कि उसका सबसे ज़्यादा असर किन मुद्रा जोड़ियों और इंडेक्स पर पड़ने की संभावना है।

बाज़ारों में हलचल लाने वाली घटनाएँ

केंद्रीय बैंकों के फ़ैसले

अमेरिकी फ़ेड, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB), बैंक ऑफ़ इंग्लैंड और बैंक ऑफ़ जापान के ब्याज दर संबंधी फ़ैसले और प्रेस कॉन्फ़्रेंस।

महंगाई

उपभोक्ता और उत्पादक मूल्य सूचकांक (CPI और PPI) ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों को आकार देते हैं और मुद्राओं, सोने और इंडेक्स में हलचल लाते हैं।

रोज़गार

रोज़गार रिपोर्ट, जैसे अमेरिका की नॉन-फ़ार्म पेरोल्स (NFP), महीने की उन घोषणाओं में से हैं जिन पर सबसे ज़्यादा नज़र रखी जाती है।

आर्थिक वृद्धि और गतिविधि

GDP, खुदरा बिक्री और कारोबारी सर्वे (PMI) बताते हैं कि अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है।

आर्थिक कैलेंडर: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर्थिक कैलेंडर क्या है?
यह आने वाली आर्थिक डेटा घोषणाओं, केंद्रीय बैंकों की बैठकों और वित्तीय बाज़ारों में हलचल ला सकने वाली अन्य घटनाओं की समय-सारणी है, जिसमें हर घटना का अनुमान, पिछला आँकड़ा और अपेक्षित प्रभाव भी दिया होता है।
ट्रेडर्स इसका उपयोग कैसे करते हैं?
यह जानने के लिए कि अस्थिरता कब आ सकती है। कई ट्रेडर्स उच्च प्रभाव वाली घोषणाओं से ठीक पहले नई पोज़िशन्स खोलने से बचते हैं, या अपने ट्रेड्स की योजना इन्हीं घोषणाओं के समय को ध्यान में रखकर बनाते हैं। यह टाइमिंग के लिए एक गाइड है, अपने आप में कोई ट्रेडिंग सिग्नल नहीं।
फ़ॉरेक्स के लिए कौन-सी घटनाएँ सबसे ज़्यादा मायने रखती हैं?
केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर संबंधी फ़ैसले, महंगाई के आँकड़े, रोज़गार रिपोर्ट और GDP। इनका असर आम तौर पर उस देश की मुद्रा पर सबसे ज़्यादा होता है जो ये आँकड़े जारी करता है।
क्या खबरों के समय स्प्रेड बदल सकते हैं?
हाँ। बड़ी घोषणाओं के आसपास तरलता घट सकती है, जिससे स्प्रेड चौड़े हो सकते हैं और कीमतों में गैप आ सकता है। उच्च प्रभाव वाली घटनाओं से पहले अपनी पोज़िशन्स और मार्जिन जाँच लें।

बाज़ारों में हलचल लाने वाली घटनाओं पर ट्रेड करें।

XBTFX खाता खोलें और Mega1 या MetaTrader 5 पर फ़ॉरेक्स, इंडेक्स, सोना और भी बहुत कुछ ट्रेड करें।

लाइव सहायता

हमारी सहायता टीम से चैट करें, सप्ताहांत में भी।

सहायता साइट

आपके खाते, फ़ंडिंग और प्लेटफ़ॉर्म के लिए गाइड और जवाब।

सहायता साइट पर जाएँ

ब्लॉग

कंपनी समाचार, बाज़ार अपडेट और ट्रेडिंग इनसाइट्स।

ब्लॉग पढ़ें

जोखिम चेतावनी: CFD उत्पादों का व्यापार उच्च स्तर के जोखिम के साथ आता है और सभी निवेशकों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता।