केंद्रीय बैंकों के फ़ैसले
अमेरिकी फ़ेड, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB), बैंक ऑफ़ इंग्लैंड और बैंक ऑफ़ जापान के ब्याज दर संबंधी फ़ैसले और प्रेस कॉन्फ़्रेंस।
बाज़ार
आने वाले आर्थिक आँकड़ों, केंद्रीय बैंकों के फ़ैसलों और बाज़ारों में हलचल लाने वाली अन्य घटनाओं पर नज़र रखें, साथ ही हर घटना का अपेक्षित प्रभाव भी देखें।
हर घटना की रेटिंग इस आधार पर तय होती है कि वह आम तौर पर कीमतों में कितनी हलचल लाती है। ब्याज दर के फ़ैसले और रोज़गार रिपोर्ट जैसी उच्च प्रभाव वाली घोषणाएँ कुछ ही सेकंड में बाज़ारों को हिला सकती हैं।
जब कोई आँकड़ा जारी होता है, तो वास्तविक संख्या की तुलना अनुमान और पिछले आँकड़े से करें। आम तौर पर बाज़ार की चाल ख़ुद आँकड़े से नहीं, बल्कि सरप्राइज़ से तय होती है।
हर घटना किसी देश और उसकी मुद्रा से जुड़ी होती है, ताकि आप देख सकें कि उसका सबसे ज़्यादा असर किन मुद्रा जोड़ियों और इंडेक्स पर पड़ने की संभावना है।
अमेरिकी फ़ेड, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB), बैंक ऑफ़ इंग्लैंड और बैंक ऑफ़ जापान के ब्याज दर संबंधी फ़ैसले और प्रेस कॉन्फ़्रेंस।
उपभोक्ता और उत्पादक मूल्य सूचकांक (CPI और PPI) ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों को आकार देते हैं और मुद्राओं, सोने और इंडेक्स में हलचल लाते हैं।
रोज़गार रिपोर्ट, जैसे अमेरिका की नॉन-फ़ार्म पेरोल्स (NFP), महीने की उन घोषणाओं में से हैं जिन पर सबसे ज़्यादा नज़र रखी जाती है।
GDP, खुदरा बिक्री और कारोबारी सर्वे (PMI) बताते हैं कि अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है।
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